हैदराबाद और उन्नाव कांड के विरोध में संसद भवन के पास प्रदर्शन

 


हैदराबाद और उन्नाव कांड के विरोध में संसद भवन के पास प्रदर्शन


नई दिल्ली। हैदराबाद और उन्नाव कांड समेत देशभर में बेटियों के साथ दुराचार की बढ़ती घटनाओं के विरोध में बृहस्पतिवार को कुछ लोग प्रदर्शन करने संसद भवन के नजदीक विजय चौक पहुंच गए। अचानक इकट्ठा हुए युवक और युवतियों ने पोस्टर और झंडे लेकर नारेबाजी शुरू कर दी। संसद सत्र के दौरान वीवीआईपी इलाके में प्रदर्शन की खबर मिलते ही पुलिस अधिकारियों के होश उड़ गए। अमरोहा से आया एक युवक अपनी मासूम बेटी के साथ प्रदर्शन करने पहुंचा था। पुलिस ने जब प्रदर्शनकारियों का पकड़ने का प्रयास किया तो वे इधर-उधर भागने लगे। मशक्कत के बाद सभी को पकड़ लिया गया। इसके बाद सभी को जंतर-मंतर लाकर यहां विरोध जताने के लिए कहा गया। लेकिन सभी प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर से जयसिंह रोड की ओर भागने लगे। पुलिस ने बैरिकेड लगाकर सभी 27 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। इसके बाद सभी को मंदिर मार्ग लाया गया। देर शाम पूछताछ के बाद सभी को छोड़ दिया गया। प्रदर्शनकारियों को दिल्ली महिला आयोग की टीम का हिस्सा बताया जा रहा है। पुलिस सूत्रों के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए प्रदर्शनकारी कैसे संसद भवन के इतने नजदीक पहुंच गए, इसकी जांच की जा रही है।


 

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार दोपहर करीब 2.45 बजे कुछ युवक व युवतियां चुपचाप एक-एक, दो-दो कर विजय चौक के पास मीडिया पार्किंग के नजदीक इकट्ठा हो गए। सभी अपने पोस्टर व झंडे छिपाकर लाए थे। चूंकि संसद भवन का सत्र चल रहा है और वहां पर मीडिया कर्मियों का आना-जाना लगा रहता है, इसलिए सुरक्षाकर्मियों ने भी ज्यादा ध्यान नही दिया। 25 से 30 की संख्या में आए प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते हुए संसद की ओर कूच करने लगे। प्रदर्शनकारी रेप से आजादी, वी वांट जस्टिस, जैसे नारे लगाते हुए आगे बढ़ने लगे। विजय चौक पर लोकल पुलिस के अलावा अर्धसैनिक बल के जवानों ने प्रदर्शनकारियों को देखा तो उनके होश उड़ गए।
छह-सात साल की बेटी को गोद में लिऐ सचिन चौधरी नामक युवक अपनी पीठ और सीने पर पोस्टर चिपकाया हुआ था। पोस्टर में लिखा था कि दुष्कर्म के दोषियों को 90 दिन में फांसी दो। दुष्कर्म की घटनाओं के लिए केंद्र सरकार जिम्मेदार है। सचिन को कांग्रेस से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है।